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कई ऐसे राज़ है।

कई ऐसे राज़ हैं जो दिल मैं दबाए बैठे हैं, आँखों से आँखें चुराए बैठे हैं, की दिल को संभाले बैठे हैं, उन्हें अन्दर ही अन्दर दबाएं बैठे हैं, अब वो राज़ हम बताना नही चाहते, कुछ राज़ ऐसे हैं जिन्हें हम दिखाना नही चाहते।

Ae Dost Tu boht yaad aata hai...

Tu mere dil ka woh khaab h, Ki tu mere dil k woh khaab h,  Jo aj tk pura nhi hua, Raat din bs tu yaad aata h, Tere hone se sb kuch Shi ho jata h, Aj kl ulaj gya hu jindgi mai pr tu yaad boht aata h. Ha baat nhi hui hmari kuch dino se, Pr dil purani chaats ko dekh kr khush ho jata h, Waada kiya tha humne dosti ka,  Ki waada kiya tha humne dosti ka,  Ab woh dhundla dhundla sa yaad aata h. Ae dost tu boht yaad aata h.

नया साल बेमिशाल ❤😊

जाने वाला है पुराना साल, आने वाला है नया साल, करेंगे धूम धाड़का अबकी बार, हुए बोहत से गलत काम उसके, बिगड़ गया था संतुलन धरती का उसके बाद, कर रही  है धरती  अपना  इलाज, कब तक रहेंगे भगवान अपने बच्चों से उदास, होगा सब कुछ ठीक इस बार करेंगे, यही  है गुज़ारिश मेरी इस बार, हैप्पी न्यू ईयर ❤😊

Chai

इश्क़ हो गया है तुमसे बेइंतहा,  अब तुम जान सी बन गई हो, कभी मै जल्दी करू तो तुम रोकने के बहाने बनाना और मै ना रुकु तो तुम चाय बनाना,  तुम्हारे बिना रहा नही जाता तुम हम शरीफ लोगो का प्यार हो,  लोगो को होता होगा शराब का नशा हमे तो है तुम्हारा नशा,  तुम एनर्जी का स्रोत हो,दिल की आवाज़ हो,  तुम चाय yaar bemasal ho...

कौन होता है शिक्षक

कुछ चार बरस का ही था मै, जब पहली बार स्कूल गया, किसी ने मेरा हाथ थामा लगा की जैसे माँ आ गई,  क्या होता है गुरु? उस दिन ही मैने जाना था,  पूरे मन, कर्म, वचन से उनको  अपना भगवान माना था!  गुरु ही तो वह बाती है,  जो खुद जलकर प्रकाश फैलाता है,  अपनी मेघा के बल पर,  छात्रों का भविष्य बनाता है,  क्या है हमारी गलती, उनसे  हमे अवगत कराता है!  सुधार करने का एक मौका देता  फिर सव्यं ही उसे बताता है,  आत्म विश्वास का एक दीप जलाता मुश्किलों मै साथ निभाता है,  तुम सबकुछ कर सकते हो हर बार यही बतलाता है,  नमः करता हूँ मै उन सबको,  जिन्होंने मुझे इस लायक बनाया है,  मै कौन हूँ और क्या हूँ,  मेरा मुझसे परिचय करवाया है! By ©:-kavi_herry

Jindgi ki nai suruwaat...

Ab ek nai suruwat krne chla hu, Mai bhi ab kuch bnne chla hu, Jindgi ki raah mai ab mai bhi ghulne lga hu mai ab ek nai suruwaat krne chla hu, Ha safar aasaan nhi hoga per ab mai toh safar mai nikl chla hu, Jindgi ab kya kya khel rachaygi ab dekhna baaki hai, aur jindgi ko ek naye rup mai dekhna ab baaki hai.

दशहरा

दशहरा आज रावण बोला क्यों जलाते हो मुझे बार बार हर साल, हा की थी गलती मैंने सीता को जो अग्वाह किया, पर उसके पीछे कारण भी तो मेरी बहन थी ना, अगर ना किया होता मेरी बहन के साथ दुर्वव्हार तो नही होता मुझसे ये पाप, अब हुई थी गलती मुझसे तो दिया मृत्यु दंड मुझे राम ने, और मुझे जलाना कोई महान काम नही, जलाओ अपने भीतर के रावण को और देखो फिर स्थापित हो जायेगा राम राज्य इस धरती पर, हा की थी गलती मैंने मिली सजा मुझे प्रभु श्री पुरुषोत्तम राम द्वारा, अब तुम अपने अंदर के रावण को मारो और राम बनके दिखलाओ ना, फिर हर दिन राम नवमी हो जायेगी! की फिर हर दिन राम नवमी हो जायेगी!