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Showing posts from September, 2020

बलात्कार.....

..........बलात्कार.......... ये क्यों जिस्म की हवस हो रही है, क्यू मासूम लड़कियो की इज़्ज़त को लुटा जा रहा है, ऐ माँ अब आपको धरती पर दुबारा आना होगा अपना दुर्गा का रूप हवस के पुजारियो को दिखाना होगा, नहीं छोड़ना किसी भी दोषी को इनको अच्छा सा अब एक सबक सिखाना होगा, अब माँ आपको धरती पर दुबारा आना होगा और ये जो बलात्कारी है इनको जड़ से खतम करके दिखाना होगा। बंद करो बलात्कार क्यूकि बहन तेरी भी तो होगी रे उसके खातिर की सही रुक जाओ ना! दुनिया बोल रही है सस्त्र उठाओ द्रोपदी नही आयेंगे कृष्ण चलो मान लिया पर तुम ऐसी नोबत आने ही क्यों दे रहे हो की सस्त्र उठाने पड़े किसी द्रोपदी को तुम खुद ही कृष्ण क्यों नही बन जाते!   तुम ना बनो दुर्योधन तो कृष्ण को भी ना आना पड़ेगा और सुरक्षित रहेंगी हमारी द्रोपदी!  😔😫😤

बेटियाँ

बेटियाँ तो घर की लक्ष्मी होती है,  तुम लक्ष्मी चाहते हो पर  बेटियाँ नहीं,  अरे जब बेटियाँ घर मै आयेंगी  तब ही तो घर मै लक्ष्मी आयेगी,  बेटियाँ तो ताज होती है घर का  नाज होती है,  बेटियाँ प्राया धन नही अमूल्य धन होती है,  बेटियाँ तो माँ बाप का गुरुर होती है,  और जब एक औरत अपने गर्भ मै  नो महीने  बच्चे को रख सकती है तो वो  कमज़ोर कैसे हो सकती  है। 

कम ना समझो!

आज कल थोड़ा अकेला सा हू।  अपने अतीत से थोड़ा दूर  हू।  थोड़ा गरीब हू पर दिल का अच्छा हू।  और ज्ञान का भूखा हू।

मर्द (आदमी)!

क्यों हमे बचपन से बोला जाता है की मर्द को दर्द नही होता,  क्यों हमे बचपन से रोने नही दिया जाता,  क्या हमारा दिल नही है,  अगर हम रोये तो क्यों हमे बोला जाता है की देखो कैसे लड़कियो की तरह रो रहा है,  हम लड़के है तो क्या हमे दर्द नही होता ,  इस प्रथा को बदलो तुम और हम मर्दो को भी समझो तुम। 

काले गौरे का भेद!

ये तू काले गौरे का भेद ना कर ऐ जनाब,  क्या हुआ तू गौरा और मै काला हु तो,  की भेद ही करना है तो सोच का करो ना,  और अपनी सोच को बदलो ना,  काला होना पाप नही दिल का काला होना पाप है,  तो इस चीज़ को बदलो ना,  और काले गौरे का भेद मत करो ना। 

दर्द की अपनी अलग भाषा होती है!

की दर्द की अपनी भाषा होती है!  इसे बया करने की जरूरत नही होती बस इसे तो समझा जाता है,  की ये दर्द है जनाब इसे परखा जाता है,  ये बता देता है कौन अपना है और कौन पराया,  की जनाब इस दर्द की भी अपनी अलग एक भाषा होती है!  Kavi_herry

Teacher's day Special ❤😇

Kuch 2 baras ka hi tha mai jb phle baar school gya,  Kissi ne mera haath thama lga ki jese maa aa gai,  Kya hota h guru us din hi maine jana tha,  Pure maan karam se unhe maine apna bhagwan mana tha,  Guru hi toh wah bati hai jo hume prakash dikhata h,  Apne gyan ke sagar se hume naya-naya sikhata hai,  Haar baar naye naye tariko se hme aage bdne ki seekh de jata h,  Naman hai un sb guru ko jo  hum bcho mai prakash ke deep jalate hai.  Happy teachers day 😇