दर्द की अपनी अलग भाषा होती है!

की दर्द की अपनी भाषा होती है! 
इसे बया करने की जरूरत नही होती बस इसे तो समझा जाता है, 
की ये दर्द है जनाब इसे परखा जाता है, 
ये बता देता है कौन अपना है और कौन पराया, 
की जनाब इस दर्द की भी अपनी अलग एक भाषा होती है! 
Kavi_herry

Comments

Popular posts from this blog

कौन होता है शिक्षक

नया साल बेमिशाल ❤😊

Jindgi ki nai suruwaat...